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वामपंथ समर्थक राजनीति से परेशान फ्रांसिस।

फ्रांसिस ने अप्रवासी दिवस के लिए अपने अभी के प्रकाशित दस्तावेज , यद्धपि जिसपर 14 जनवरी 2018 की तारीख है में- पोप फ्रांसिस कहते हैं, कि नए देश में पैदा हुए गैरकानूनी आप्रवासियों के बच्चों को खुदबखुद नागरिकता दे दी जानि चाहिये (आइस सोली )।बामपंथी और पूर्व साम्यवादियों इसके समर्थित में है।

दस्तावेज में फ्रांसिस ने "व्यक्तिगत सुरक्षा" खिलाफ" राष्ट्रीय सुरक्षा" रखा है, यद्धपि वे एक साथ हैं, और कहा है कि प्रथम वाले को हमेशा द्वितिय से पहले रखना होगा, हाल ही में बार्सिलोना के आतंकवादी हमलों को मद्देनजर रखे तो यह एक दुर्भाग्यपूर्ण बयान है।

इटली के राजनेता माटेओ सल्विनी ने ट्विटर पर फ्रांसिस को उत्तर दिया, की "अगर पोप फ्रांसिस वेटिकन में आईस सोलि चाहते है, तो उन्हें यह दे दिया जाय।" सल्विनी कहते हैं कि इटली म वेटिकन के विपरीत प्रतिवर्ष 200,000 नागरिकता देती है, जबकी वेटिकेन शायद ही कभी किसी को पासपोर्ट देती है।

साल्विनी की पार्टी लेगा नोर्ड के एक नाइजीरियाई सदस्य टोनी इवोबी ने फ्रांसिस पर फर्जी शरणार्थियों के इस दुष्ट आक्रमण और अप्रवासन के लिए दरवाजे खोलने की पागल राजनीति के निर्माताओं में से एक का आरोप लगाया।"

आइवोबी कहते हैं: "पोप फ्रांसिस खुले बाहों के साथ लम्पेडुसा गए और पुरे दुनिया भर के निराश व्योक्तियो इटली आने का आमंत्रण दिया। अब से जो कोई भी यहां आयेगा वह चर्च और धर्माध्यक्ष के खर्च पर वेटिकन को भेजा जाएगा। मैटेओ सेल्विनी सही हैं, हमारा पोप बेनेडिक्ट XVI है। "

चित्र: © Jeffrey Bruno, Aleteia, CC BY-SA, #newsMnysxighkn
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